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दिल्ली ब्लास्ट साजिश की तफ्तीश में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ा सुराग मिला है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, जम्मू के एक मौलवी ने मुजम्मिल नाम के युवक को जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक आतंकी से मिलवाया था। इसी मुलाकात के बाद साजिश को आगे बढ़ाने की कोशिशें शुरू हुईं।
सूत्रों का कहना है कि मुजम्मिल और आतंकी के बीच कई बार संपर्क हुआ, जिसमें नेटवर्क को मजबूत करने और नए लोगों को जोड़ने जैसी चर्चाएँ हुईं। जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों ने कुछ डॉक्टरों को भी अपने प्रभाव में लेने की कोशिश की, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की गतिविधि को आसानी से छिपाया जा सके और लॉजिस्टिक सहायता मिल सके।
सुरक्षा एजेंसियाँ अब मौलवी, मुजम्मिल और संबंधित आतंकी से जुड़े हर संपर्क, कॉल रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और यात्राओं की विस्तृत जांच कर रही हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस मॉड्यूल के पीछे कोई बड़ा निर्देश नेटवर्क था या नहीं।
मामला सामने आने के बाद एजेंसियों ने कई संभावित ठिकानों पर निगरानी बढ़ा दी है। अलग-अलग राज्यों में भी इनपुट साझा किए गए हैं ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत रोका जा सके। फिलहाल कई व्यक्तियों से पूछताछ जारी है और आगे और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।