(India)
YouTube पर नए क्रिएटर्स के लिए सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि शॉर्ट्स से आखिर कितनी कमाई हो सकती है। 2025 में आए नए बदलावों के बाद मॉनेटाइजेशन अब सिर्फ व्यूज़ पर नहीं, बल्कि सब्सक्राइबर, एंगेजमेंट और कंटेंट क्वालिटी पर भी निर्भर करता है। भारत में मॉनेटाइजेशन के लिए 1000 सब्सक्राइबर्स, 12 महीनों में 4000 घंटे वॉच टाइम या 90 दिनों में 1 करोड़ शॉर्ट्स व्यूज़ की शर्त पूरी करनी होती है। यूट्यूब ने यह भी साफ कर दिया है कि AI-जनरेटेड या लो-क्वालिटी कंटेंट पर अब कमाई नहीं होगी, जिससे ओरिजिनल कंटेंट की मांग और बढ़ गई है।
कमाई की बात करें तो भारत में YouTube Shorts पर 1,000 व्यूज़ के बदले लगभग 20 से 30 रुपये तक मिलते हैं, जो कंटेंट की कैटेगरी और एंगेजमेंट के हिसाब से ऊपर-नीचे हो सकते हैं। अगर किसी शॉर्ट्स वीडियो पर 10 लाख व्यूज़ आ जाते हैं, तो क्रिएटर लगभग 15,000 रुपये तक कमा सकता है। वहीं टेक, फाइनेंस और एजुकेशन जैसे हाई-पेइंग निचेज़ में RPM ज्यादा होता है, जिससे कम व्यूज़ में भी अच्छी कमाई संभव है। इसलिए नए क्रिएटर्स के लिए ज़रूरी है कि वे क्वालिटी, वैल्यू और एंगेजमेंट पर आधारित कंटेंट बनाएं।