मोया में हाई-टेक कैमरे, सेंसर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम लगे हैं, जो सामने खड़े व्यक्ति के चेहरे के भाव पहचानकर तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं। इसका एआई मोशन-कैप्चर तकनीक के जरिए शरीर की हरकतों को स्वाभाविक बनाने की कोशिश करता है। हालांकि विशेषज्ञ साफ करते हैं कि मोया भावनाओं को “महसूस” नहीं करती—यह केवल डेटा के आधार पर रिएक्ट करती है, इसलिए गहरी मानसिक स्थिति या जटिल भावनाओं को समझ पाना अभी इसकी सीमा है।
डेवलपर्स इसे खासतौर पर हेल्थकेयर और सर्विस सेक्टर में इस्तेमाल के लिए तैयार कर रहे हैं। बुजुर्गों की देखभाल, अस्पतालों में सहायक भूमिका और अकेले लोगों के लिए कम्पैनियन रोबोट के तौर पर इसकी संभावनाएं देखी जा रही हैं। साथ ही, इसकी इंसानी गर्मजोशी जैसी डिजाइन ने यह बहस भी छेड़ दी है कि भविष्य में लोग मशीनों से भावनात्मक रूप से जुड़ सकते हैं या नहीं।
Author: JAN TV Editorial Team
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