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असम की राजनीति में बड़ा बदलाव करते हुए Pradyut Bordoloi ने कांग्रेस छोड़कर Bharatiya Janata Party का दामन थाम लिया है। पार्टी छोड़ने के पीछे उन्होंने स्पष्ट किया कि शीर्ष नेतृत्व जैसे Mallikarjun Kharge और Sonia Gandhi ने कभी उनके साथ भेदभाव नहीं किया, लेकिन संगठन के भीतर कुछ नेताओं के व्यवहार से वह बेहद आहत थे। उनका कहना है कि उन्हें लगातार नजरअंदाज किया गया और अपमानित महसूस कराया गया, जिससे उन्होंने खुद को पार्टी में अलग-थलग पाया।
बोरदोलोई ने बताया कि 2022 के संगठनात्मक चुनावों के दौरान हालात बिगड़ने शुरू हुए, जब उन्होंने Shashi Tharoor का समर्थन किया। इसके बाद से उन्हें पार्टी में हाशिए पर डाल दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में बोलने के मौके भी सीमित कर दिए जाते थे और पार्टी के अंदर उनकी बातों को महत्व नहीं दिया जाता था, जिससे उनका आत्मसम्मान प्रभावित हुआ।
उन्होंने यह भी दावा किया कि एक हमले की घटना के बाद भी उन्हें पार्टी से अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। अंततः उन्होंने महसूस किया कि कांग्रेस में उनके लिए कोई जगह नहीं बची है। वहीं, Himanta Biswa Sarma के संपर्क के बाद उन्होंने भाजपा जॉइन की, जहां उन्हें सम्मान मिलने की उम्मीद है। अब वह दिसपुर सीट से चुनाव लड़ते हुए नई राजनीतिक पारी की शुरुआत कर रहे हैं।