ट्राई ने स्काइप, वाइबर, व्हाट्स ऐप और गूगल टॉक जैसे इंटरनेट आधारित कॉलिंग और मैसेज एप्लिकेशन के लिए मसौदा तैयार की प्रक्रिया शुरू की है। इस प्रकार की सेवा देने वाली कंपनियां ओवर द टॉप कहलाती हैं। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण के सचिव सुधीर गुप्त ने एक बयान में कहा, सेवाओं तथा इंटरनेट की निष्पक्षता को लेकर दुनिया भर में सरकारों, उद्योग तथा ग्राहकों के बीच एक बहस जारी है। इसी बारे में ट्राई ने व्ज्ज् सेवाओं के लिए नियामकीय मसौदे पर परामर्श पत्र जारी किया है।श् फिलहाल उपभोक्ता मोबाइल एप्लिकेशन और कंप्यूटर के जरिये इंटरनेट कनेक्शन का उपयोग कर फोन कॉल करते हैं या संदेश भेजते हैं या बेवसाइट खोलते हैं। उन्हें इंटरनेट के अलग-अलग इस्तेमाल पर अलग-अलग शुल्क नहीं चुकाना पड़ता। लेकिन इंटरनेट के माध्यम से कॉलिंग या एसएमएस करने को लेकर दूरसंचार कंपनियों तथा वीओआई सेवा प्रदाताओं या ओटीटी इकाइयों के बीच शुल्क वसूलने को लेकर विवाद है।
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