(India)
एक वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, एक टन वजन वाला क्यूरिओसिटी मार्स रोवर माउंट शार्प पर पहुंचने के मिशन पर है। यह 5.5 किलोमीटर ऊंचा पर्वत, मंगल ग्रह की गेल क्रेटर (ज्वालामुखी के गड्ढे) के मध्य में हैं। फुटबाल के मैदान के बराबर क्षेत्र वाले हिडेन वैली में आश्चर्यजनक रूप से फिसलनभरी रेत पाने के बाद क्यूरिओसिटी को पीछे वापस आना पड़ा। क्यूरिओसिटी परियोजना के प्रबंधक जिम एरिक्सन ने बताया कि हमें पहियों और मंगल ग्रह की रेत की तरंगों के बीच हुई पारस्परिक क्रिया को बेहतर तरीके से समझने की जरूरत है और 'हिडेन वैली' प्रयोग के लिए ठीक स्थान नहीं है। छह पहियों वाले क्यूरिओसिटी का लक्ष्य माउंट शार्प पर चढ़कर मंगल ग्रह में गर्म और गीले वातावरण से आज ठंडे और शुष्क वातावरण होने के परिवर्तन का इतिहास जानना है। माउंट शार्प के लिए क्यूरिओसिटी आठ किलोमीटर की दूरी तय कर चुका है और 3.2 किलोमीटर की दूरी तय करनी अभी बाकी है। टीम को उम्मीद है कि क्यूरिओसिटी मार्स रोवर 2014 के अंत तक यह दूरी तय कर लेगा।
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