नियुक्ति के मामले मे दूसरा सबसे आशावादी देश है भारत
(India)
भारत अब भी नियुक्ति के मामलें मे दूसरा सबसे आशावादी देश बना हुआ है, लेकिन अगले तीन महीने नियुक्तियां बढ़ने की रफ्तार धीमी रहेगी। यह जानकारी मैनपावर समूह के द्वारा किए गए सर्वे में सामने आई है। इस सर्वे में कहा गया है कि भारत ने कंपनियों के नियुक्ति परिदृश्य के लिहाज से वैश्विक स्तर पर अपना दूसरा स्थान बरकरार रखा है लेकिन नियुक्ति वृद्धि की रफ्तार अगले तीन महीने में धीमी रहेगी। भारत में सभी सात क्षेत्रों में कर्मचारियों की नियुक्ति के इरादे लगातार सकारात्मक रहे हैं। माइनिंग और कंस्ट्रक्शन क्षेत्रों की इनमें खास भूमिका है, हालांकि फाइनैंस, इंश्योरेंस, रियल एस्टेट, आईटी और रिटेल क्षेत्र भी नियुक्ति परिदृश्य के लिहाज से पॉजिटिव परफर्मेंस ही दे रहे हैं। वैश्विक स्टाफिंग कंपनी मैनपावर समूह के तिमाही वैश्विक आर्थिक परिदृश्य सर्वेक्षण में ताइवान शीर्ष स्थान पर रहा। सर्वे के मुताबिक भारत में नियुक्ति गतिविधियों में आमतौर पर नई कंपनियों और सितंबर, 2015 की तिमाही में ग्रामीण एवं अर्ध-ग्रामीण क्षेत्रों में मांग का योगदान अधिक होगा। इस सर्वेक्षण में देश भर के 5,007 नियोक्ताओं में से 37 प्रतिशत नियुक्ति योजना के प्रति आशान्वित हैं और रोजगार ढूंढने वालों को श्रम बाजार की जोरदार संभावना से फायदा मिलने की उम्मीद है।

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।