उन्होंने यहां हवाईअड्डे पर कहा, ‘मंगल मिशन मंगलयान निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ रहा है और योजना के मुताबिक यह 24 सितंबर को कक्षा में पहुंच जाएगा।’ 450 करोड़ रुपये की लागत वाले मंगलयान को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से पिछले साल 5 नवंबर को पोलर सेटेलाइट लांच व्हीकल से छोड़ा गया था। तय कार्यक्रम के अनुसार इसे मंगल ग्रह के वातावरण में 24 सितंबर को पहुंचना है। इसरो के अनुसार मंगल ग्रह तक पहुंचने में केवल 14 प्रतिशत यात्रा बची है।
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