नौकरी मांगने समय न दें झूठी जानकारी
(India)
जल्द नौकरी हासिल करने या अत्यधिक महत्वाकांक्षा के चलते उम्मीदवार नौकरी मांगने के दौरान कई बार योग्यता संबंधी ऐसी जानकारी दे देते हैं, जो उनके पास होती ही नहीं। हकीकत सामने आने पर वे जॉब से तो वंचित हो ही जाते हैं, उनके आगे की राह भी कठिन हो जाती है। शाइन डॉट कॉम के एक सर्वे के अनुसार वर्तमान समय में ज्यादातर संस्थान अपने कर्मचारियों द्वारा दिए जाने वाले शिक्षा संबंधी प्रमाण-पत्रों में गड़बड़ियों की समस्या से जूझ रहे हैं। एक कंपनी छोड़ दूसरी ज्वाइन करने पर दोनों में दी गई जानकारी में भी काफी अंतर देखने को मिल रहा है। यह सही है कि कंपनियां जॉब देते समय उम्मीदवार के पिछले तीन-चार साल का अनुभव, शैक्षिक योग्यता और अंतिम 4-5 साल का पता खंगालती हैं, लेकिन ज्यादातर कंपनियां सीनियर पद पर किसी को ज्वाइन कराते वक्त लचीला रुख अपनाती हैं। वे उम्मीदवार के प्रोफाइल व पैकेज को ही आधार बनाती हैं। सर्वे बताते हैं कि भारत ही नहीं, बल्कि ब्रिटेन और अमेरिका जैसे विकसित देशों में भी ऐसे उम्मीदवारों की संख्या ज्यादा है, जो बायोडाटा में अपनी उपलब्धियों, अनुभव और शैक्षिक योग्यताओं के बारे में बढ़ा-चढ़ा कर लिखते हैं। बाद में वेरिफिकेशन के दौरान उनकी गलतियां उजागर होती हैं। इन नेगेटिव वेरिफिकेशन रिपोर्ट से न सिर्फ उनकी नौकरी जाती है, बल्कि इंडस्ट्री में उनकी प्रतिष्ठा भी धूमिल होती है।
झूठ ने मुश्किल किए हालात
ग्लोबलाइजेशन और जॉब मार्केट में कड़ी प्रतिस्पर्धा के चलते हर कंपनी चाहती है कि वह कुशल व प्रतिभाशाली कर्मचारियों को नियुक्त करे। देश में जितनी ज्यादा नौकरियां हैं, उससे कई गुना ज्यादा नौकरी ढूंढ़ने वाले लोग। हर साल देश में लगभग 23 लाख ग्रेजुएट पैदा होते हैं, लेकिन इनमें से ज्यादातर को उनकी पढ़ाई और स्किल्स के मुताबिक नौकरी नहीं मिल पाती। एचआर कंसल्टिंग मैन पावर की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय कंपनियों में 61 प्रतिशत पद खाली हैं। सबसे ज्यादा अवसर सेल्स, आईटी, अकाउंटिंग, फाइनेंस व ऑफिस सपोर्ट जैसे सेक्टरों में मौजूद हैं। इनमें सही टैलेंट नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि आवेदन के समय उम्मीदवार अपनी उपलब्धियों को बढ़ा-चढ़ा कर लिख रहे हैं या झूठी सूचनाएं दे रहे हैं।
रेज्यूमे में दें सही जानकारी
एक अच्छी नौकरी पाने की तलाश में जुटे उम्मीदवार कई बार अपने रेज्यूमे में भ्रामक सूचनाएं दे जाते हैं। इसके चलते उन्हें शर्मिंदगी का सामना भी करना पड़ता है। इसलिए यदि आप किसी नई नौकरी के लिए रेज्यूमे देने जा रहे हैं तो अपनी वर्तमान जिम्मेदारियों और उपलब्धियों के बारे में बताने से पहले विशेष सावधानी बरतें। जॉब की जरूरत के हिसाब से अपनी स्किल्स मैच कराएं। एक-एक बिन्दु का स्पष्ट उल्लेख करें, दूसरों का सीवी कॉपी करने से पहले बचें।
कानूनी कार्रवाई का खतरा
32 वर्षीय रोहन (बदला नाम) पर फर्जी बीएड डिग्री के आधार पर शिक्षक की नौकरी करते समय पकड़े जाने पर नौकरी से बर्खास्तगी और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस से बचने के लिए आजकल वह फरार है। यह एक उदाहरण भर हो सकता है, पर रोहन जैसे असंख्य लोग इस तरह का फर्जीवाड़ा करते हैं। रेज्यूमे में गलत जानकारी देकर अच्छी नौकरी तो हासिल की जा सकती है, लेकिन पकड़े जाने पर नौकरी जाने के साथ-साथ कार्रवाई का खतरा मंडराता रहता है।

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