फोटोनिक्स में बनाएं करियर
(India) इस फील्ड की खास बात यह है कि आने वाले समय के साथ यहां कॅरियर की संभावनाओं में और इजाफा होना निश्चित है। युवाओं के लिए यह एक बढिया कॅरियर विकल्प है। इस फील्ड में कॅरियर बनाने की चाह रखने वाले युवाओं के लिए जरूरी है कि फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स सब्जेक्ट पर उनकी अच्छी पकड़ हो। साथ ही उनमें जिज्ञासा की भावना कूट-कूट कर भरी हो। आइए जानते हैं इस फील्ड में कॅरियर बनाने के लिए कुछ जरूरी बातों के बारे में-
आज दुनिया भर में फोटोनिक्स के प्रोफेशनल्स की काफी मांग है। फोटोनिक्स प्रकाश के इस्तेमाल से संबंधित तकनीक है। यह लाइट और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज की मदद से उपकरण विकसित करने का विज्ञान है। फोटोनिक्स तकनीक का उपयोग कम्युनिकेशन, हेल्थकेयर, मेडिसिन, डिफेंस, ऑप्टिक्स, टेक्निशियन, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि फील्ड में होता है।
तेजी से बढ़ रही है मांग
फोटोनिक्स का विकास ऑप्टिकल टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक्स के फ्यूजन से हुआ है। इसमें प्रकाश को उत्पन्न करना, उसे निकालना और एक जगह से दूसरी जगह पर भेजना आदि शामिल है। लेजर ट्रीटमेंट, टेलीकम्युनिकेशन, माइक्रोस्कोपी, एडवांस स्पेक्ट्रोस्कोपी, बायोटेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी आदि कई ऎसे फील्ड हैं, जिनमें फोटोनिक्स की उपयोगिता लगातार बढ़ रही है। मेडिकल साइंस में फोटोनिक्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है, खासकर सर्जरी में। इसमें लेजर की मदद से बिना रक्तस्त्राव और चीर-फाड़ के सर्जरी की जाती है। इस तकनीक में एक ओर तकलीफ कम होती है, दूसरी ओर रिकवरी जल्दी होती है।
रक्षा क्षेत्र में भी जरूरत
दुनिया के कई देश अपने डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने के लिए नाइट विजन टेक्नोलॉजी पर रिसर्च कर रहे हैं। इसका आधार फोटोनिक्स ही है। डिफेंस एक्सपर्ट का मानना है कि आज फोटोनिक्स तकनीक, डिफेंस सेक्टर की अहम जरूरत है। इसीलिए डिफेंस के क्षेत्र में भी फोटोनिक्स से संबंधित जॉब के अवसर बने रहते हैं।
कैसी है आमदनी
इस फील्ड में शुरूआत करने पर अच्छा सेलरी पैकेज ऑफर किया जाता है। अगर पीएचडी या एमटेक डिग्री है, तो और अच्छी सेलरी ऑफर की जाती है। आमतौर पर इस फील्ड में कॅरियर की शुरूआत करने वाले स्टूडेंट्स को 20 से 25 हजार रूपये प्रतिमाह आसानी से मिल जाते हैं। विदेश में देश के मुकाबले ज्यादा अच्छा पैकेज ऑफर किया जाता है। एक-दो-साल का अनुभव बढ़ने पर सैलरी में तेजी से वृद्धि होती है।
जरूरी क्वॉलिफिकेशन
देश के कई इंस्टीट्यूट में फोटोनिक्स की स्टडी कराई जा रही है। इस सब्जेक्ट में ग्रेजुएशन के लिए मैथ्स, केमिस्ट्री और फिजिक्स के साथ 12वीं पास होना जरूरी है, जबकि पीजी लेवल पर एंट्री के लिए मैथ्स और फिजिक्स के साथ ग्रेजुएशन जरूरी है। वहीं, पीएचडी के लिए फिजिक्स या फोटोनिक्स में मास्टर डिग्री जरूरी है। कुछ डिप्लोमा कोर्स भी उपलब्ध हैं।
इन कोर्स के जरिये आप टेक्निशियन बन सकते हैं। इस फील्ड में आने के लिए जरूरी है कि मैथ्स और फिजिक्स पर अच्छी पकड़ हो। इस सब्जेक्ट में रिसर्च के लिए स्टूडेंट फॉरेन यूनिवर्सिटीज में भी एडमिशन ले सकते हैं। इसके अलावा, फोटोनिक्स से संबंधित कई तरह के कोर्स भी अलग-अलग इंस्टीट्यूट्स में चलाए जा रहे हैं। आप चाहें तो एमटेक इन फोटोनिक्स, एमफिल इन फोटोनिक्स कर सकते हैं। इसमें जॉब के लिए एमटेक, एमफिल और पीएचडी वालों को अधिक वरीयता दी जाती है।
रोजगार की संभावनाएं
देश में फोटोनिक्स के क्षेत्र में संभावनाएं विकसित हो रही हैं। इसमें जॉब के साथ-साथ टीचिंग में भी विकल्प हैं। कॉलेज और यूनिवर्सिटी लेवल पर अच्छे फोटोनिक्स टीचर्स की काफी जरूरत है। एक स्पेशलिस्ट के तौर पर किसी फोटोनिक्स से जुड़ी कंपनी में इंजीनियर के तौर पर काम कर सकते हैं। टेक्निशियन या साइंटिस्ट के तौर पर भी काम कर सकते हैं। फाइबर एंड इंटीग्रेटेड ऑप्टिक्स, सेमीकंडक्टर से संबंधित क्षेत्र में काम कर सकते हैं।

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