भारतीय छात्रों में विदेशी शिक्षा के प्रति रूझान बढ़ा
(India)

भारतीय छात्रों में विदेश जाकर उच्च शिक्षा हासिल करने का रुझान बढ़ता ही जा रहा है। ग्रेजुएट मैनेजमेंट एडमिशन काउंसिल(जीमैक) के एक सर्वेक्षण में खुलासा हुआ है कि 81 फीसदी भारतीय छात्र विदेशी विश्वविद्यालयों से एमबीए करना चाहते हैं। वर्ष 2011 में यह आंकड़ा 76 फीसदी था। विदेशी डिग्री हासिल होने के बाद भी भारतीयों को अच्छी नौकरी नहीं मिल पाती। इन सब के बावजूद भी भारतीय विदेश में शिक्षा हासिल करना चाहते हैं। भारतीय बिजनेस संस्थान लगातार अपने संस्थानों को बेहतर बनाने के लिए विदेशी विश्वविद्यालयों से टाय अप कर रहे हैं। पिछले साल ही आईआईएम बेंगलुरु ने अपने छात्रों को येल स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, लंदन स्कूल ऑफ इकॉनॉमिक्स और इंस्टीड जैसे संस्थानों के वर्च्युअल क्लास से जुड़ने की सुविधा दी थी। इससे पहले आईआईएम अहमदाबाद ने मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और हॉवर्ड यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों से समझौता किया था।

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