(India)
नासा के मार्स एक्सप्लोरेशन प्रोग्राम के जाने माने वैज्ञानिक माइकल मेयर ने यहां प्रेस ट्रस्ट से कहा, ‘‘हां। 2010 तक हम दूसरा अंतरिक्ष यान भेजेंगे जिसमें नये उपकरण के साथ वैसी ही (क्यूरियोसिटी जैसी ही) संरचना होगी। ये नये उपकरण जीवन की संभावना ढूढ़ने पर केंद्रित हैं।’’ जब उनसे पूछा गया कि क्यूरियोसिटी का क्या होगा, उन्होंने कहा, ‘‘क्यूरियोसिटी चलता रहेगा। वाकई, इस महीने रोवर अपनी 10 वीं वषर्गांठ मना रहा है। यह अब भी चल रहा है। यह अब भी अच्छा विज्ञान का काम कर रहा है। 2020 तक क्यूरियोसिटी भी वहां होगा।’’ भारत के पहले मंगल यान मिशन के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘यह भारत के लिए शानदार मिशन है। यह अच्छी तरह काम कर रहा है और मुझे आशा है कि यह मिशन विज्ञान के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होगा। मैं समझता हूं कि यह भारत के लिए भी महत्वपूर्ण होगा।’’
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