मानव में 19 हजार जींस पैदा करते हैं प्रोटीन
(India) जबकि प्रारंभिक अनुमानों में इसकी संख्या 100,000 बताई गई थी। अध्ययन के मुताबिक, इन अधिकांश जींसों के पूर्वज 5 करोड़ साल पहले नरवानर गण (प्राइमेट) की उपस्थिति के पहले के हैं। स्पेनिश राष्ट्रीय कैंसर रिसर्च केंद्र (सीएनआईओ) के आधारभूत अनुसंधान के उपनिदेशक अलफांसो वैलेंसिया ने कहा, ‘मैं इसे सिकुड़ता हुआ (स्रिंकिंग) मानव जीनोम कहती हूं। प्रोटीन का कोडिंग हिस्सा (प्रोटीन पैदा करने वाला) निरंतर बढ़ता रहा है। कुछ साल पहले तक कोई यह सोच भी नहीं सकता था कि ये जींस इतनी कम संख्या में होते हुए भी कैसे इतना जटिल काम कर सकते हैं।’ कौन सा जींस वास्तव में प्रोटीन पैदा करता है जानने के लिए मानव प्रोटीन की माप के मद्देनजर शोधकर्ताओं ने बड़े पैमाने पर सात मानव स्पेक्ट्रोमेट्री अध्ययन (मानव के 50 उत्तकों) से तथ्यों को एकीकृत किया। 1,700 वैसे जींस का पता चला, जिनके बारे में ज्ञात था कि वे प्रोटीन पैदा करते हैं, लेकिन वास्तव में कई कारणों से ऐसा नहीं पाया गया। इसका कारण यह था कि या तो इनमें कोडिंग से संबंधित कोई संरचना ही नहीं थी या फिर इनमें प्रोटीन कोडिंग की क्षमता ही नहीं थी। निष्कर्ष के अनुसार, प्रोटीन पैदा करने वाले 90 फीसदी से ज्यादा मानव जींस की उत्पत्ति 10 करोड़ साल पहले के मेटाजोंस या बहुकोशिकीय जीवों के समय हुई थी। इससे साफ जाहिर होता है कि जींस और प्रोटीन्स के स्तर पर मानव और नरवानर गण (प्राइमेट) के बीच अंतर बेहद कम है। यह निष्कर्ष ‘ह्यूमन मोलेक्यूलर जेनेटिक्स’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।

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