(India)
धूल के स्तर को मापने के लिए स्मार्टफोन में लगाया जाने वाला सेंसर साधारण ऑप्टिकल सेंसर के अनुरूप ही होगा। कंप्यूटर विज्ञानी मथ्थिआस बड ने कहा, आम तौर पर सेंसर में इस्तेमाल होने वाले इंफ्रारेड (विशेष तरंग दैर्ध्य की प्रकाश किरणें) एलईडी के स्थान पर स्मार्टफोन में फ्लैश एलईडी को ही धूल की गणना करने वाले क्षेत्र के लिए प्रयोग में लाया जाएगा। फ्लैश के द्वारा छोड़ी गई लाइट को हवा में मौजूद धूल के कण और धुंए के कण बिखेर देंगे। इस बारे में आगे समझाते हुए बड ने कहा, फोन में लगा कैमरा संग्राहक के तौर पर कार्य करेगा और तस्वीरें लेगा। यह तस्वीरें क्षेत्र के मापे गए परिणाम को दर्शाएंगी। फोटो के पिक्सल की चमक को बाद में धूल के संकेंद्रण के रूप में बदला जा सकेगा जिससे प्रदूषण का मानचित्र खींचा जा सकेगा। बड ने कार्लस्रुहे इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलोजी के टेको शोध समूह के सदस्य के तौर पर परवेसिव कंप्यूटिंग के लिए इस प्रणाली का निर्माण किया है।
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