(India)
इसे पृथ्वी जैसे ग्रह के तौर पर वर्गीकृत किया गया है क्योंकि इसका द्रव्यमान पृथ्वी और नेपच्यून के बीच का है। जीजे1214बी जैसा कोई ग्रह हमारे सौरमंडल में नहीं है। इसके भौतिक लक्षण के बारे में अभी काफी कुछ पता नहीं है। इस ग्रह के पहले के अध्ययनों में कुछ संभावनाओं का पता चला था, या तो इसके वायुमंडल में जलवाष्प भरा पड़ा है या कुछ अन्य तरह के भारी परमाणु हैं, या इसमें अधिक ऊंचाई वाले बादल हैं। लॉरा क्रेदबर्ग और जैकब बीन के नेतृत्व में शिकागो के विश्वविद्यालय के खगोल वैज्ञानिकों के नेतृत्व वाली एक टीम ने अब हब्बल अंतरिक्ष दूरबीन के जरिए इस ग्रह के वायुमंडल में बादल होने के स्पष्ट साक्ष्य जुटा लिए हैं। हब्बल दूरबीन के जरिए इसका 11 महीनों के दौरान 96 घंटे तक अध्ययन किया गया। किसी एक ग्रह के अध्ययन पर हब्बल का यह सर्वाधिक लंबा कार्यक्रम है। शोधकर्ताओं ने अपने इस काम को सौर मंडल के बाहर एक संभावित निवास योग्य, पृथ्वी जैसे ग्रह का पता लगाने की दिशा में मील का पत्थर बताया है। इसके बारे में अध्ययन नेचर जर्नल में प्रकाशित हुआ है।
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