49 साल बाद फिर चांद पर जाएगा इंसान
(India)

साल 1972 में नील आर्मस्ट्रांग के चांद पर उतरने के बाद अब फिर से 4 अंतरिक्ष यात्रियों को चांद पर उतारने की तैयारी हो रही है। अगले साल इस मिशन का परीक्षण किया जाएगा और 2021 में इंसान को चांद पर भेजा जाएगा। इस खास मिशन के लिए नासा के साथ अब यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने भी हाथ मिलाया है। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और एयरबस जैसी कंपनियां भी इंसान को चांद पर भेजने वाले मिशन में नासा की मदद करेंगी। इस अभियान के तहत सबसे पहले 2018 में ओरियन यान का परीक्षण किया जाएगा जिसके जरिए इंसानों को चांद पर ले जाना है। अगले साल होने वाले इस परीक्षण में यान को चांद पर पहुंचाया जाएगा। हालांकि, कोई इंसान इसके अंदर नहीं होगा। इसके बाद 2021 में ओरियन 4 अंतरिक्ष यात्रियों को चांद पर ले जाएगा। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी इस यान का सप्लाई मॉड्यूल तैयार कर रही है। दरअसल अपोलो यान के रिटायर होने के बाद दुनिया में कोई ऐसा यान नहीं है जो इंसान को चांद या मंगल ग्रह पर ले जा सके। अपोलो यान नील आर्मस्ट्रांग को चांद पर लेकर गया था। नासा के ओरियन यान को ‘स्पेस लॉन्च सिस्टम’ नाम के रॉकेट के जरिए लॉन्च किया जाएगा। यह रॉकेट ओरियन अंतरिक्ष यान को आसानी से धरती की कक्षा से बाहर ले जाने में सक्षम है। अभी तक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन तक यान भेजने वाले रॉकेट ही बन पाए हैं। नासा के स्पेस एक्सप्लोरेशन के डिप्टी एडमिनिस्ट्रेटर बिल हिल के मुताबिक उनकी टीम इस यान की सफलता के लिए पूरी मेहनत कर रही है।

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