रिपोर्ट के अनुसार, आधिकारिक ईमेल पर हमले लगातार बढ़ रहे हैं। 2024 की शुरुआत में यह आंकड़ा 20% था, जो 2025 की पहली छमाही में 25.6% तक पहुंच गया। साइबर अपराधी अब AI टूल्स का सहारा लेकर फर्जी ईमेल, इनवॉइस और डीपफेक स्कैम तैयार कर रहे हैं, जिन्हें पहचानना बेहद कठिन हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि कोविड-19 के बाद हाइब्रिड वर्क कल्चर और असुरक्षित रिमोट नेटवर्क ने कंपनियों को और ज्यादा कमजोर बना दिया है। मैन्युफैक्चरिंग, आईटी सर्विसेज और टेलीकॉम सेक्टर सबसे ज्यादा खतरे में हैं। इसके अलावा, रैनसमवेयर गैंग जैसे Cl0p, Akira और Qilin लगातार हमले कर सिस्टम और फाइलों को लॉक कर रहे हैं और उन्हें वापस पाने के लिए भारी फिरौती मांग रहे हैं।
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