रिपोर्ट के मुताबिक, सोशल मीडिया, व्हाट्सएप व टेलीग्राम पर शेयर हो रहे एड्स और लिंक के जरिए फर्जी साइटों को बड़े पैमाने पर प्रमोट किया जा रहा है। कई वेबसाइटें सर्च इंजन मैनिपुलेशन के जरिए टॉप रिजल्ट्स में भी आ रही हैं। एक ही फर्जी साइट कुछ घंटों में सैकड़ों लोगों को शिकार बना लेती है और स्कैमर्स इससे 2,000–12,000 डॉलर तक कमा लेते हैं। एक्सपर्ट्स ने सलाह दी है कि ऑनलाइन खरीदारी केवल आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से करें, URL व HTTPS अवश्य चेक करें और अनजान लिंक/सोशल मीडिया ऑफर्स पर कभी भरोसा न करें।
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