तकनीकी कार्यशाला में अपर मुख्य सचिव ने बताया कि अभियान के तहत अवैध रूप से संचालित बसों के खिलाफ प्रदेशव्यापी विशेष कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य परिवहन नियमों के अनुपालन को प्रभावी बनाना और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण और खराब होती हवा की गुणवत्ता को देखते हुए अमृत अभिजात ने एंड ऑफ लाइफ (EOL) वाहनों को अधिकृत स्क्रैप केंद्रों पर स्क्रैप कराने की अपील की। उन्होंने एनसीआर के वाहन स्वामियों से निर्धारित जीवन पूरा कर चुके पुराने वाहनों को अधिकृत केंद्रों तक पहुंचाने का आग्रह किया, ताकि पुराने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिल सके।
उन्होंने परिवहन विभाग की परिवर्तन योजना की जानकारी देते हुए यूरो मानक BS-1, BS-2, BS-3 और BS-4 वाले वाहनों के स्वामियों से परिवर्तन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने की अपील की। कार्यशाला में सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों को कम करने के लिए यातायात नियमों के पालन पर भी जोर दिया गया। लोगों से नियंत्रित गति से वाहन चलाने, दोपहिया पर हेलमेट और चारपहिया में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने, शराब पीकर वाहन नहीं चलाने और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की गई।
परिवहन विभाग के अनुसार जनसुविधा के लिए 52 सेवाओं को फेसलेस किया गया है, जबकि 40 सेवाएं ऑटो अप्रूवल मोड में संचालित हो रही हैं। यूपीआईटीएस में ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी आधुनिक तकनीक और सिमुलेटर के जरिए युवाओं को परिवहन सेवाओं और सुरक्षित ड्राइविंग के बारे में जानकारी भी दी जा रही है।
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