(India)
वित्तीय सेवा सचिव जीएस संधू ने कहा कि डूबते ऋणों के मुद्दे से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए सिक्युरिटाइजेशन एंड रीकंस्ट्रक्शन आफ फाइनेंशियल असेट्स एंड इनफोर्समेंट आफ सिक्युरिटी इंटरेस्ट एक्ट (सरफेसी) एवं ऋण वसूली न्यायाधिकरण (डीआरटी) कानूनों में संशोधन की जरूरत है। उन्होंने यहां कहा कि इन कानूनों में प्रस्तावित संशोधन से बैंक उन मामलों में बलपूर्वक एक नया प्रबंधन लाने के लिए सशक्त होंगे जहां एक प्रवर्तक ने जानबूझकर रिण चुकाने में चूक की है। नए कानून संसद के शीतकालीन सत्र में लाए जा सकते हैं। संधू ने कहा कि हमने सरफेसी और डीआरटी कानूनों में संशोधन की कवायद की है। इन कानूनों में कई खामियां हैं जिन्हें हमें दूर करने की जरूरत है क्योंकि इन खामियों की वजह से उधार लेने वाले अक्सर लंबा मुकदमा लड़ते हैं और पैसा बैंकों के पास वापस नहीं आता।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।