सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पोर्नोग्राफिक वेबसाइट्स, खासतौर से चाइल्ड पोर्नोग्राफिक वेबसाइट्स को ब्लॉक करने के लिए प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया है, जबकि केंद्र सरकार का कहना है कि इस पर काम जारी है, क्योंकि चार करोड़ से ज्यादा इस तरह की वेबसाइट मौजूद हैं, और जितने समय में एक साइट को ब्लॉक किया जाता है, उतनी ही देर में नई वेबसाइट अस्तित्व में आ जाती है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दायर की गई एक याचिका की सुनवाई के दौरान शुक्रवार को केंद्र सरकार से कहा कि कानून, तकनीक और प्रशासन को समन्वित करके इंटरनेट पर पोर्नोग्राफिक सामग्री की रोकथाम के लिए काम करना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकार को पोर्नोग्राफिक वेबसाइट्स, खासतौर से चाइल्ड पोर्नोग्राफिक वेबसाइट्स को ब्लॉक करने के लिए कदम उठाने होंगे। मामले की सुनवाई छह सप्ताह बाद की जाएगी।
Author: Kamal
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।