रक्षा क्षेत्र में इंडियन इंडस्ट्री को मिलेगा मौका
(India)
रक्षा मंत्रालय ने आर्मी और एयरफोर्स के लिए विदेशी कंपनी से 6,000 करोड़ रुपये की लागत से 197 लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर खरीदने के टेंडर शुक्रवार को रद्द कर दिए। यह खरीद प्रक्रिया तकरीबन 8 वर्षों में 2 बार दलाली के आरोपों के कारण रुकी थी। रक्षा मंत्रालय की खरीद परिषद ने अब यह सौदा रद्द करते हुए कहा कि इन हेलिकॉप्टरों का निर्माण भारत में ही होगा। एविएशन सेक्टर में देश की अग्रणी कंपनी हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड ने भी इन हेलिकॉप्टरों को अपने कारखाने में बनाने की पेशकश की है, लेकिन अब यह सौदा देश के प्राइवेट सेक्टर के लिए भी खोला जाएगा। प्राइवेट सेक्टर की कोई कंपनी विदेशी तकनीकी सहयोग से इनका भारत में प्रॉडक्शन कर सकती है। विदेशी लाइट हेलिकॉप्टरों को चीता और चेतक हेलिकॉप्टरों की जगह लेनी थी। फिलहाल आर्मी और एयरफोर्स चार दशक पुराने चीता और चेतक हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल सियाचिन जैसे ऊंचे बर्फीले इलाकों में जवानों को रसद और अन्य साजोसामान पहुंचाने में कर रही है। लेकिन अब रक्षा खरीद परिषद ने देश में ही 400 हल्के हेलिकॉप्टरों का प्रॉडक्शन करने का फैसला किया है, जिसमें हिस्सा लेने के लिए इंडियन इंडस्ट्री को मौका दिया जाएगा। सरकार के इस फैसले से भारतीय रक्षा उद्योग को 40 हजार करोड़ रुपये का काम मिलेगा।

Author: Kamal

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