उत्तर प्रदेश में पीलीभीत के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मोदी सरकार में केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उपक्रम मंत्री कलराज मिश्र की गिरफ्तारी के लिए गैरजमानती वारंट जारी किया है। ये वारंट आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में बार-बार सम्मन जारी किए जाने के बावजूद कलराज मिश्र के अदालत में पेश नहीं होने पर जारी किया गया है। अदालत ने कलराज मिश्र को सरेंडर के लिए अंतिम मौका देते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए आठ अक्टूबर की तिथि तय की है। इस बीच कलराज मिश्र ने इस मामले में खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा उनको जान बूझकर इस मामले में फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि मैं अदालत के आदेश का सम्मान करूंगा। कलराज मिश्र के विरुद्ध भड़काऊ भाषण मामले में भारतीय जनता पार्टी नेता वरुण गांधी की गिरफ्तारी के बाद 28 मार्च 2009 को सदर कोतवाली में धारा 144 का उल्लंघन करके भीड़ के साथ अदालत में घुसकर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।
Digital Desk: Kamal
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