इबोला महामारी से पश्चिमी अफ्रीका को उबारने के लिए कुछ विशेषज्ञों ने पीड़ित के ब्लड से इस बीमारी के उपचार की बात सोच रहे हैं। संक्रमण से जूझ रहे एंटीबॉडीज में इसे मिलाकर परीक्षण किया गया है। लंडन स्कूल ऑफ हाईजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन के निदेशक डॉ. पीटर पायट का कहना है कि ऐसा करना बिल्कुल आसान है। जिनेवा में इबोला के उपचार को लेकर गुरुवार को दो दिवसीय मीटिंग हुई, इसमें पीड़ित के ब्लड से इबोला के इलाज के मसले पर चर्चा हुई। डब्ल्यूएचओ की एक टीम में 200 से अधिक एक्सपर्ट्स इस महामारी से निपटने पर काम कर रही है। लगभग आधे दर्जन दवा और वैक्सिन खोज लिए गए हैं। लेकिन किसी मानव पर इसका परीक्षण नहीं किया गया है। अमेरिका में इस सप्ताह वैक्सिन की जांच की जाएगी। कुछ वैज्ञानिकों के मुताबिक, एंडी बॉडीज शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता पैदा करती हैं और वह वायरस व अन्य हानिकारक चीजों को खत्म करने के लिए उससे लड़ती हैं। यह ब्लड में रहती हैं और बाद में अगर बाहर से किसी तरह का इन्फेक्शन होता है तो उससे मुकाबला करती हैं।
Digital Desk: Kamal
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