(India)
नासा ने कहा कि इस दौरान 2014 आरसी की स्थिति न्यूजीलैंड के लगभग ऊपर होगी। इस दौरान पृथ्वी से इसकी दूरी पृथ्वी के केंद्र और चंद्रमा की दूरी का दसवां भाग या 40 हजार किलोमीटर होगी। बयान के मुताबिक, क्षुद्रगह से पृथ्वी या इसके उपग्रहों को खतरा नहीं है। इससे शोधकर्ताओं को क्षुद्रग्रहों के बारे में जानने का मौका मिलेगा।नासा के मुताबिक, क्षुद्रग्रह के भविष्य की गति पर निगरानी रखी जाएगी, लेकिन भविष्य में इसके पृथ्वी से टकराने की संभावना नहीं है। इसके द्वारा परावर्तित चमक के आधार पर खगोलविदों का अनुमान है कि क्षुद्रग्रह का आकार लगभग 60 फीट (20 मीटर) है।
Digital Desk: Shiv Kishor
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