'ठंडा होता जा रहा है नई सरकार को लेकर उपभोक्ताओं का उत्साह'
(India) वित्तीय शोध तथा विश्लेषण कंपनी जीईफिन रिसर्च के अनुसार अगस्त का उपभोक्ता परिदृश्य सूचकांक यह संकेत देता है कि लगातार दूसरे महीने उपभोक्ता विश्वास मामूली रूप से फीका पड़ा है। इसमें कहा गया है कि इस गिरावट का मुख्य कारण रोजगार सुरक्षा तथा बड़े खर्च को लेकर उपभोक्ताओं का विश्वास कमजोर होना है। भारत का जाईफिन उपभोक्ता परिदृश्य सूचकांक (सीओए) 43.6 अंक रहा जो पूर्व माह के मुकाबले 0.6 अंक कम है। जाईफिन ने कहा कि हालांकि 2013 के किसी भी माह के मुकाबले अंक अधिक है लेकिन ऐसे समय जब अर्थव्यवसथा सुधार प्रक्रिया में है, उपभोक्ता खर्च को लेकर कमजोर धारण एक झटका है। देश की आर्थिक वृद्धि में उपभोक्ता व्यय का योगदान प्रमुख है। पिछले महीने 18 शहरों में किए गए सर्वे में केवल सात में उपभोक्ता विश्वास में सुधार दिखा। अत्यधिक अंक वाले पांच शहर मैंगलोर, हैदराबाद, दिल्ली, इंदौर तथा मुंबई रहे। जाईफिन रिसर्च के मुख्य अर्थशास्त्री देबोपम चौधरी ने कहा, विश्वास स्तर में अचानक गिरावट यह बताता है कि भारतीय उपभोक्ताओं का ध्यान छोटी अवधि पर रहता है। आर्थिक पुनरूद्धार लंबी प्रक्रिया है और एक रात में परिणाम की उम्मीद नहीं की जा सकती है। उपभोक्ता विश्वास के कमजोर होने से अबतक जो भी सकारात्मक कदम उठाये गये, वह पलट सकता है।

Digital Desk: Shiv Kishor

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