(India)
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंटरनैशनल ऑटो कंपनियों के साथ समझौते कंपनी के प्लान में अहम रोल अदा कर सकते हैं। मुंबई की कंपनी अपनी कोरियाई यूनिट सैंगयॉन्ग मोटर के साथ मिलकर अहम मार्केट्स में जॉइंट एंट्री स्ट्रैटिजी पर काम कर रही है। स्वीडन की कार कंपनी साब और फ्रांस की ऑटो कंपनी पियाजियो सिट्रोएन के साथ समझौते के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। महिंद्रा सैंगयॉन्ग के जरिये रूस में घुसने की तैयारी में है। रूस कोरियाई कंपनी का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट मार्केट है। चीन में सैंगयॉन्ग ने हाल में एंट्री की है। महिंद्रा यहां भी मौजूदगी दर्ज कराना चाहती है। कंपनी के कार्यकारी निदेशक पवन गोयनका के मुताबिक, चिली में महिंद्रा और सैंगयॉन्ग की अलग-अलग स्ट्रैटिजी है। इसे बदलने का इरादा नहीं है। जहां दोनों ब्रैंड अफ्रीका में सफल हैं, वहीं यूरोप में महिंद्रा अभी शुरुआती दौर में है। गोयनका ने बताया, 'कुछ साल पहले यानी सैंगयॉन्ग के टेकओवर से पहले यूरोप में यह (सैंगयॉन्ग) ब्रैंड काफी मजबूत था। हालांकि, बाद में फाइनैंशल हालत खराब होने के बाद कंपनी की ताकत खत्म हो गई। अब यह रिकवरी फेज में है।' एक और मुश्किल बाजार अमेरिका में भी सैंगयॉन्ग ने दिलचस्पी दिखाई है। महिंद्रा को अभी इस देश के लिए ठीक से प्लान बनाने की जरूरत है। गोयनका ने कहा कि महिंद्रा और सैंगयॉन्ग दोनों अलग ब्रैंड हैं और संभावित सहयोग का फायदा उठाते हुए दोनों को स्वतंत्र रूप से काम करने की छूट होगी। दोनों कंपनियां मिली-जुली ग्लोबल ब्रैंडिंग स्ट्रैटिजी पर काम कर रही हैं। इस पर 4 से 6 महीने में अमल शुरू होगा। सैंगयॉन्ग का नया प्रॉडक्ट एक्स100 नामक एसयूवी जनवरी 2015 में मार्केट में आएगा। महिंद्रा की ओर से सैंगयॉन्ग को खरीदने के बाद उसका यह पहला लॉन्चिंग प्लेटफॉर्म होगा। तीन साल पहले महिंद्रा ने सैंगयॉन्ग को खरीदा था। एसबीआई कैप सिक्यॉरिटीज के डेप्युटी हेड रिसर्च महंतेश सबारद ने बताया, 'महिंद्रा नए प्रॉडक्ट्स डिवेलप करने में कुछ सुस्ती दिखा रही है। हालांकि यह प्रॉब्लम टेंपररी हो सकता है।' कंपनी इस चुनौती से निपटने की कोशिश कर रही है। प्रॉडक्ट पोर्टफोलियो में गैप की भरपाई करके वह सेल्स बढ़ाने की तैयारी में है। गोयनका ने बताया, 'कंज्यूमर्स की डिमांड कॉम्पैक्ट एसयूवी की तरफ शिफ्ट हो रही है। इसलिए फिलहाल हमारे वॉल्यूम पर असर पड़ रहा है।' कंपनी 2015 में तीन नए प्लेटफॉर्म (पैसेंजर सेगमेंट में दो और कमर्शल सेगमेंट में एक) लॉन्च करेगी। इनमें से एक इंजन सैंगयॉन्ग के साथ मिलकर डिवेलप किया जाएगा। हालांकि, दोनों कंपनियों ने अब तक साथ मिलकर कुछ लॉन्च नहीं किया है। गोयनका का कहना है कि किसी नए प्रॉडक्ट को मिलकर डिवेलप करने के लिए 3 साल का वक्त काफी कम होता है।
Digital Desk: Shiv Kishor
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