(India)
इसके साथ ही इस क्षेत्र में अतिरिक्त 33,000 पायलट एवं 30,000 तकनीक कौशल वाले व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा। बोइंग की ओर से आज प्रस्तुत अनुमान में यह बात कही गयी है। एशिया प्रशान्त महासागर क्षेत्र में अगले 20 साल की अवधि में दक्षिण एशिया की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 13 प्रतिशत (13,460 विमान) जबकि कारोबार के अधार पर 11 प्रतिशत (2000 अरब डालर) तक पहुंच जाएगी। बोइंग ने कहा कि 2014-33 के दौरान बाजार में एशिया प्रशान्त महासागरीय क्षेत्र की हिस्सेदारी विमान संख्या के आधार पर 37 प्रतिशत और कारोबार के हिसाब से 39 प्रतिशत होगी। इस दौरान विश्व भर में कुल 5,200 अरब डालर के 36,770 नये विमान खरीदे जाएंगे। एशिया प्रशांत क्षेत्र में चीन इस क्षेत्र का सबसे बड़ा निवेशक होगा और नए विमानों के शामिल करने के मामले में इस क्षेत्र में 45 प्रतिशत हिस्सेदारी उसकी होगी। इस दौरान इस क्षेत्र में शामिल किए जाने वाले कुल 13,460 विमानों में से 6,020 विमान चीनी बेड़े में शामिल होंगे। इस अवधि में चीन का निवेश करीब 43 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ 870 अरब डालर पर पहुंच जाएगा।
Digital Desk: Shiv Kishor
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