अंतरिक्ष में इतिहास रचने के करीब भारत, मंगल के गुरूत्वीय प्रभावक्षेत्र में दाखिल हुआ मंगलयान
(India) इसरो ने सोशल नेटवर्किंग साइट पर कहा, ‘हमारी परिवहन संबंधी गणनाएं दर्शाती हैं कि मंगलयान मंगल के गुरूत्वीय प्रभावक्षेत्र में दाखिल हो गया है।’ इसरो ने आगे कहा कि अंतरिक्षयान मंगल के गुरूत्वीय प्रभावक्षेत्र के 5.4 लाख किलोमीटर के दायरे के भीतर है। श्रीहरिकोटा से पिछले साल 5 नवंबर को प्रक्षेपित किए जाने के बाद मंगलयान ने 1 दिसंबर को पृथ्वी की कक्षा छोड़ दी थी और इसके साथ ही मंगल पर अभियान भेजने वाले खास देशों की सूची में भारत का नाम शामिल करने की इसकी ऐतिहासिक यात्रा शुरू हो गई थी। इसरो के एक अधिकारी ने बताया, ‘मंगलयान आज सुबह मंगल के गुरूत्वीय प्रभावक्षेत्र में दाखिल हो गया और आज हम इस अभियान से जुड़ी कुछ प्रक्रियाओं को अंजाम देंगे। इसके चौथे पथ शोधन कार्य और प्रमुख द्रवित ईंजन का प्रायोगिक परीक्षण 3.968 सेकेंड के लिए किया जाएगा’’ उन्होंने कहा, अब चूंकि अंतरिक्षयान मंगल के प्रभावक्षेत्र में दाखिल हो चुका है, तो उसके वेग पर नियंत्रण रखना होगा ताकि वह लाल ग्रह के प्रभावक्षेत्र से बाहर न जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरिक्षयान 24 सितंबर को भारतीय समयानुसार सुबह साढ़े सात बजे मंगल की कक्षा में दाखिल होगा।अंतरिक्षयान का महत्वपूर्ण चौथा पथ संशोधन कार्य और प्रमुख द्रवित ईंजन का प्रायोगिक परीक्षण आज दोपहर ढाई बजे होना है। मार्स ऑर्बिटर मिशन भारत का पहला अंतग्रही अभियान है, जिसे आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा में स्थित अंतरिक्ष प्रक्षेपण स्थल से पोलर सेटेलाइट लॉन्च व्हीकल के जरिए प्रक्षेपित किया गया था।

Digital Desk: Shiv Kishor

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