इसरो ने रचा नया इतिहास, मंगलयान के इंजन टेस्ट का सफल परीक्षण
(India) मंगलयान के मेन लिक्विड इंजन का टेस्ट सफल रहा है। 300 दिन से यह बंद था। मंगलयान के इंजन को चार सकेंड तक चालू रखा गया। इसरो ने ट्वीट कर इस सफलता की जानकारी दी है। मंगलयान 24 सितंबर को मंगल की कक्षा में स्थापित होगा। मंगलयान का 'मेन लिक्विड इंजिन' सोमवार को चार सेकंड के लिए स्टार्ट किया गया। इसरो ने ट्वीट कर कहा कि इंजिन को चलाने का परीक्षण सफल रहा। इसका मकसद मंगलयान की गति को धीमा करना है ताकि ये मंगल ग्रह के गुरुत्वाकर्षण में खिंचा चला जाए और उसकी कक्षा में स्थापित हो सके। गौर हो कि श्रीहरिकोटा से पिछले साल 5 नवंबर को प्रक्षेपित किए जाने के बाद मंगलयान ने 1 दिसंबर को पृथ्वी की कक्षा छोड़ दी थी और इसके साथ ही मंगल पर अभियान भेजने वाले खास देशों की सूची में भारत का नाम शामिल करने की इसकी ऐतिहासिक यात्रा शुरू हो गई थी। अंतरिक्षयान 24 सितंबर को भारतीय समयानुसार सुबह साढ़े सात बजे मंगल की कक्षा में दाखिल होगा। मार्स ऑर्बिटर मिशन भारत का पहला अंतग्रही अभियान है, जिसे आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा में स्थित अंतरिक्ष प्रक्षेपण स्थल से पोलर सेटेलाइट लॉन्च व्हीकल के जरिए प्रक्षेपित किया गया था।

Digital Desk: Shiv Kishor

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