राजग सरकार ने कहा कि उसने जल अपशिष्ट शोधन और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन समेत पूर्ण स्वच्छता को हासिल करने के लिए प्रथम लक्ष्य के तौर पर गंगा के तट पर बसे 118 शहरों की पहचान की है। उच्चतम न्यायालय में दायर हलफनामे में कहा गया, ‘सम्मानपूर्वक कहा जाता है कि गंगा का कायाकल्प सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई योजना में चरणबद्ध तरीके से समय-सीमा का प्रावधान किया गया है। अल्पावधि के कदमों के लिए तीन साल, मध्यम अवधि के कदमों के लिए अगले पांच साल और दीर्घावधि के कदमों के लिए अगले 10 साल और उससे आगे की समय-सीमा तय की गई है।’ मौजूदा परियोजनाओं को पूरा करने के लिए समय सीमा गंगा बेसिन में बसे पांच राज्यों के साथ विचार-विमर्श के बाद तैयार की गई है। ये राज्य 2500 किलोमीटर लंबी गंगा की सफाई की परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए प्राथमिक रूप से जिम्मेदार हैं।
Digital Desk: Shiv Kishor
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