18 वर्ष लंबी कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता के बारे में आज फैसला आ जाएगा। जब यहां की विशेष अदालत उनके और उनके तीन सहयोगियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में फैसला सुनाएगी। जयललिता पर 1991 से 96 में पहली बार मुख्यमंत्री बनने के बाद से आय के ज्ञात स्रोतों से 66 करोड़ रुपए अधिक संपत्ति इकट्ठा करने का आरोप है। सुनवाई के दौरान मामले में कई राजनीतिक और कानूनी उतार-चढ़ाव देखने को मिले। उनकी निकट सहयोगी शशिकला नटराजन, उनकी रिश्तेदार इलावरासी और उनके भतीजे को जयललिता ने बेदखल कर दिया है। वही उनके गोद लिए गए बेटे सुधाकरन और अन्य को मामले में आरोपी बनाया गया है।
Digital Desk: Kamal
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