मेक इन इंडिया के जरिये देसी-विदेशी निवेशकों को भारत में मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट लगाने का न्योता देने वाली मोदी सरकार सार्वजनिक उपक्रमों के काम में आने वाली बाधाएं भी दूर करने में लगी है। महारत्न और नवरत्न का दर्जा प्राप्त सरकारी कंपनियां अब बिना अनुमति के बोर्ड स्तर से नीचे के पद सृजित कर सकेंगी। अभी तक इन कंपनियों को इसके लिए संबंधित मंत्रालयों से अनुमति लेनी होती थी। महारत्न व नवरत्न पीएसयू को यह हक देना सरकार की उस पहल का हिस्सा है, जिसके तहत वह निजी व सार्वजनिक दोनों क्षेत्रों की कंपनियों के लिए कारोबार करने का बेहतर माहौल देना चाहती है। महारत्न व नवरत्न कंपनियों के लिए बदला गया यह नियम उन्हें ज्यादा स्वायत्तता प्रदान करेगा। साथ ही, कारोबारी जरूरत के हिसाब से नियुक्तियां करने का अधिकार भी देगा। सरकार के भारी उद्योग व सार्वजनिक उपक्रम मंत्रालय ने इस महीने की 12 तारीख को एक सर्कुलर के जरिये महारत्न और नवरत्न कंपनियों के प्रबंधन को महाप्रबंधक (जीएम) से ऊपर के स्तर पर पद सृजित करने का अधिकार सौंप दिया है।
Digital Desk: Kamal
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