(India)
उज्जैन की जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक डॉ. राजेंद्र प्रकाश गुप्त ने बताया कि पूर्ण चंद्रग्रहण की शुरूआत भारतीय मानक समय के मुताबिक अपराह्न 2.44 बजे होगी और यह शाम 06 बजकर 04 मिनट 07 सेकेंड पर खत्म हो जाएगा। इस तरह सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा की ‘त्रिमूर्ति’ की रोमांचक भूमिका वाला खगोलीय घटनाक्रम तकरीबन तीन घंटे 20 मिनट तक चलेगा। कोई दो सदी पुरानी वेधशाला के अधीक्षक ने अपनी गणना के हवाले से बताया कि पूर्ण चंद्रग्रहण के चरम स्तर पर पहुंचने पर चंद्रमा करीब 23 मिनट तक पृथ्वी की छाया से पूरी तरह ढंका दिखेगा। उन्होंने बताया कि भारत में पूर्ण चंद्रग्रहण का सबसे अच्छा नजारा पूर्वोत्तर हिस्से में स्थित डिब्रूगढ़, इम्फाल और कोहिमा जैसे शहरों में नजर आने की उम्मीद है, जहां देश के दूसरे इलाकों के मुकाबले चंद्रोदय जल्दी होता है। गुप्त ने यह भी बताया कि 8 अक्तूबर को मौजूदा वर्ष का दूसरा और आखिरी पूर्ण चंद्रग्रहण लगेगा। इस साल का पहला पूर्ण चंद्रग्रहण 15 अप्रैल को लगा था। पूर्ण चंद्रग्रहण तब लगता है, जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है। परिक्रमारत चंद्रमा इस स्थिति में पृथ्वी की ओट में पूरी तरह छिप जाता है और उस पर सूर्य की रोशनी नहीं पड़ पाती है। इसी कारण चंद्रमा पृथ्वी के कुछ विशिष्ट जगहों पर दिखना बंद हो जाता है।
Digital Desk: Shiv Kishor
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।