छोटे बच्चे और महिलाएं ज्यादा हुए हादसे के शिकार
(India)
भगदड़ के बाद अपनों की तलाश में भटकते बदहवास लोग कभी अस्पताल तो कभी अंधेरे में डूबे गांधी मैदान की खाक छान रहे हैं। गांधी मैदान के दक्षिणी छोर पर एक्जीविशन रोड़ को जाने वाली सड़क के सामने ठीक रामगुलाम चैक के पास सैकड़ों बिखरे चप्पल और छोटे बच्चेे के दूध का बोतल इस बात का प्रमाण है कि एक अफवाह से डरे लोगों ने किस तरह अपनी जान बचाने के लिये दूसरों को पैरो से रौंद दिया। इनमें छोटे बच्चे और महिलाओं के चप्पल ज्यादा है जो यह बताता है कि इस हादसे के शिकार सबसे ज्यादा वे ही हुये है। भगदड़ के घंटो बाद लोग अपने बच्चे तो कोई अपनी मां तो कोई अपने अन्य रिश्तेदारों की तलाश में गांधी मैदान से पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल और फिर वहां से गांधी मैदान के चककर काटते रहे ।

Digital Desk: Kamal

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