(India)
बेल्जियम में लीयूवेन विश्वविद्यालय और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय की अगुवाई में वैज्ञानिकों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने एचआईवी-वन समूह एम बीमारी के अनुवांशिक इतिहास को फिर से खंगाला। घटनाक्रम की कड़ियों के जोड़ने पर पता चला कि एचआईवी का अफ्रीका महादेश और फिर दुनिया में विस्तार हुआ। निष्कर्ष यह निकला कि कांगो की राजधानी किंसासा में इसका प्रादुर्भाव हुआ। टीम के विश्लेषण से पता चला है कि समूह-एम के आम पूर्वज का संभवत: 1920 (95 प्रतिशत अनुमानित तारीख 1909 और 1930 के बीच की है) के आसपास किंसासा में अवतरण हुआ। माना जाता है कि एचआईवी का स्तनपायी (प्राइमेट्स) और बंदरों से होते हुए मानवों में कम से कम 13 बार संचरण हुआ लेकिन इसमें से एक बार संचरण की स्थिति से मानवों में बीमारी की शुरुआत हुयी। टीम के विश्लेषण में 1920 से लेकर 1950 के दशक के बीच शहरी विकास, बेल्जियम औपनिवेशिक शासन के वक्त मजबूत रेलवे लिंक और बदलते देह व्यापार के स्वरूप को किंसासा और दुनिया में एचआईवी की शुरूआत के लिए एक मिला-जुला कारण माना गया है। ऑक्सफोर्ड के जूलोजी विभाग के प्रोफेसर ओलिवर पाइबस और वरिष्ठ लेखकों ने पेपर में लिखा है, ‘एचआईवी के अनुवांशिक इतिहास का अधिकतर अध्ययन अब तक टुकड़ों-टुकड़ों में हुआ है। खास स्थानों में विशेष तौर के एचआईवी के जीनोम को देखा गया।’
Digital Desk: Shiv Kishor
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