(India)
बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच (बोफा-एमएल) की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। वैश्विक वित्तीय सेवा क्षेत्र की इस प्रमुख कंपनी के अनुसार रिजर्व बैंक गवर्नर रघुराम राजन वर्ष 2015 में नीतिगत दरों में 0.75 प्रतिशत कटौती कर सकते हैं और यह कटौती फरवरी से शुरू हो सकती है। बोफा-एमएल के अनुसार रिजर्व बैंक को जनवरी में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति 8 प्रतिशत के लक्ष्य पर पहुंचने से शुकून मिलेगा। इस लिहाज से ‘हमें उम्मीद है कि रिजर्व बैंक 2015 में फरवरी से दरों में 0.75 प्रतिशत की कटौती करेगा। इस दौरान मुद्रास्फीति जनवरी 2016 तक 6 प्रतिशत के निम्न स्तर पर पहुंचने की दिशा में होगी।’ बोफा-एमएल का कहना है कि केन्द्रीय बैंक दो दिसंबर को होने वाली अपनी अगली मौद्रिक नीति समीक्षा में दरों को स्थिर रख सकता है। वित्तीय सलाहकार सेवा कंपनी के अनुसार अगले साल की शुरआत में मुद्रास्फीति वृद्धि अंतिम छोर पर पहुंच जाने, वर्षा की देरी और अमेरिका के फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में वृद्धि की उम्मीदों की वजह से दरों में कटौती की शुरुआत होगी। देर से वर्षा का लाभ सर्दियों की बुआई को मिलेगा जबकि अमेरिका के फेडरल रिजर्व की दरों में वृद्धि की उम्मीद से तेल मूल्यों पर दबाव बनेगा। हाल में मुद्रास्फीति में कुछ नरमी आई है। यह 2013 के दहाई अंक से गिरकर अगस्त में साल दर साल आधार पर 7.8 प्रतिशत पर आ गई। रिजर्व बैंक गवर्नर राजन ने 30 सितंबर को जारी मौद्रिक नीति समीक्षा में सभी प्रमुख नीतिगत दरों को यथावत रखा।
Digital Desk: Shiv Kishor
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