(India)
इस मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री दयानिधि मारन, उनके भाई कलानिधि मारन और अन्य लोग आरोपी हैं। विशेष सीबीआई न्यायाधीश ओपी सैनी ने कहा कि संज्ञान के लिए तर्कों को सुन लिया गया है। आदेश को 29 अक्तूबर तक के लिए सुरक्षित कर दिया गया। संक्षिप्त सुनवाई के दौरान सीबीआई के वकील के.के. गोयल ने अदालत को बताया कि आरोपपत्र पर संज्ञान लिया जाना चाहिए और प्रथम दृष्ट्या यह मामला सभी आरोपियों के खिलाफ बनता है। वकील ने कहा कि हमारा अनुरोध यह है कि संज्ञान लिया जाए। इस मामले में जांच बाहरी देशों से भी जुड़ी है। प्रथम दृष्ट्या यह मामला सभी आरोपियों के खिलाफ बनता है और उनके खिलाफ पर्याप्त आधार है।
Digital Desk: Shiv Kishor
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