(India)
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम घटने से डीजल पर कंपनियों का मुनाफा बढ़ा है। ईंधन में सबसे ज्यादा खपत डीजल की होती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का दाम चार साल के निम्न स्तर पर पहुंच गया है। अक्तूबर के पहले पखवाड़े में डीजल पर तेल कंपनियों को 1.90 रुपये प्रति लीटर का फायदा हो रहा था जो और बढ़कर 3.56 रुपये प्रति लीटर हो गया। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को डीजल की बिक्री पर पहली बार सितंबर के दूसरे पखवाड़े में 35 पैसे का लाभ हुआ। अक्तूबर के पहले पखवाड़े में यह बढ़कर 1.90 रुपये और अब 3.56 रुपये प्रति लीटर हो गया। तेल कंपनियों को डीजल की बिक्री पर फायदा होने की स्थिति में इसके दाम कम होने चाहिए लेकिन हरियाणा और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने से दाम नहीं घटाये जा सके। इन दोनों राज्यों के विधानसभा के लिये मतदान हो चुका है और रविवार को परिणाम घोषित होंगे। उसके बाद ही चुनाव आचार संहिता हटेगी। सूत्रों के अनुसार एक ऐसी उपभोक्ता वस्तु जिसके मूल्य पर सरकार का नियंत्रण है, उसके दाम में कटौती को मतदाताओं को लुभाने के तौर पर देखा जायेगा इसलिए चुनाव आयोग ने दाम घटाने की अनुमति नहीं दी।
Digital Desk: Shiv Kishor
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