परियोजना से जुड़े रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के एक वैज्ञानिक के अनुसार, तय कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार को इस मिसाइल का दूसरा परीक्षण किया गया। गौर हो कि मिसाइल का पहला परीक्षण 12 मार्च 2013 को इसी केन्द्र से किया गया था। एक अधिकारी ने कहा कि निर्धारित मार्ग से विचलन को देखते हुए उस परीक्षण को बीच में ही रोकना पड़ा था। भारत के पास 290 किलोमीटर तक मारक क्षमता वाली ‘सुपरसोनिक क्रूज’ मिसाइल ब्रह्मोस है जिसे भारत और रूस ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। लेकिन लंबी दूरी तक की क्षमता वाली मिसाइल निर्भय अलग तरह की है। यह बेंगलुरु में डीआरडीओ की इकाई एयरोनोटिकल डेवलपमेंट इस्टैबलिशमेंट (एडीई) की ओर से विकसित की जा रही है। गौर हो कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) 1,500 किलोमीटर की दूरी तक मार करने वाली सब-सोनिक क्रूज मिसाइल का हवाई संस्करण विकसित कर रहा है। इसे भारतीय वायु सेना के अग्रिम मोर्चे के लड़ाकू विमान एसयू-30 एमकेआई से दागा जा सकेगा। डीआरडीओ प्रमुख अविनाश चंद्र ने बताया कि निर्भय मिसाइल हवा, जमीन और पोतों से दागी जा सकेगी। इसके हवाई संस्करण की योजना पर काम चल रहा है। मिसाइल का हवाई संस्करण विकसित किया जा रहा है और इसे एसयू-30 एमकेआई जैसे लड़ाकू विमानों से दागा जा सकेगा।
Digital Desk: Shiv Kishor
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