प्याज संकट के बाद अब आलू की किल्लत की आशंका से सरकार के माथे पर बल पड़ने लगे हैं। खुदरा और थोक बाजार में महंगाई अभी काबू में आई ही है कि सरकार के लिए आलू नई चुनौती बन गया है। हुदहुद की चक्रवाती बारिश और अगैती फसल की बुवाई में देरी के चलते अगले एक महीने तक आलू का संकट बना रहने का अनुमान है। इसका असर आलू कीमतों पर अभी से दिखने लगा है। हालांकि सरकार ने इस आशंका को भांपते हुए घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए आलू आयात करने का फैसला कर लिया है। यह पहला मौका है जब आलू की कमी होने के चलते विदेश से आलू मंगाने की जरूरत पड़ रही है। आलू की किल्लत हुदहुद चक्रवात के चलते आलू उत्पादक राज्यों में बेमौसम बारिश ने पैदा की है। आलू की अगैती खेती के पानी में डूब जाने से बीज सड़ गए हैं। बाकी बुवाई में भी देरी होने के आसार हैं। इससे जिंस बाजार में आलू महंगा हो गया है। कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि आलू की महंगाई रोकने के लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी।
Digital Desk: Kamal
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