(India)
नासा के मार्स ओडिसी, मार्स रिकानिसांस आर्बिटर और मार्स एटमास्फियर एंड वोलाटाइल एवोल्यूशन (मावेन) आबिर्टर तीनों यान उस अभियान का हिस्सा हैं जो धूमकेतु सी:2013 ए1 सिडिंग स्प्रिंग और उससे निकलने वाली गैसों एवं धूल से मंगल के वातावरण पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन करने के लिए गए हैं। नासा के सबसे नए यान मावेन ने इस बात का एहतियात बरता कि धूमकेत से निकलने वाली धूल के दुष्प्रभावों से खुद को बचाते हुए इसके कारण मंगल के वातावरण पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन किया जा सके। धूमकेतु से तेज वेग से निकलने वाले धूल कणों से आशंकित टकराव से बचने के लिए तीन घंटे तक एहतियात बरतने के बाद मावेन अंतरिक्ष यान ने तीन घंटे के बाद पृथ्वी को बेहतर स्थिति में सूचनाएं भेजी।
Digital Desk: Shiv Kishor
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