वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस मादा तेंदुएं की उम्र दो साल थी। सूचना पर मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने शव को अपने कब्जे में लेकर जांच की तो उसके शरीर पर चोट के निशान पाए गए। दांत और नाखून सही सलामत हैं। बताया जा रहा है कि मादा तेंदुआ ने पानी की तलाश में जंगल छोड़ा और चार गांवों में भटकती रहीं। इस दौरान लोगों से सामना हुआ तो वो हिंसक हो गई।
इन लोगों को किया घायल
इस मादा तेंदुए ने सबसे पहले नमाना पंचायत में मानपुरा निवासी मंजू गमेती (32) व उसके एक साल के बेटे विक्रम गमेती पर हमला कर घायल कर दिया। इसके बाद अमलोई में पांच साल की पायल, कस्तूरी (45) व तीन साल के राहुल को हमला कर घायल कर दिया। फतहनगर के खेड़ा में भी भीमा (56) पर अटैक किया। बांका का गुढ़ा में इस तेंदुएं ने दो बुजुर्ग शंकरलाल गुर्जर व जयचंद गुर्जर पर हमला कर घायल कर दिया।
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