पहले नारेबाजी फिर पत्थरबाजी
दरअसल जोधपुर में सोमवार की देर रात सबसे पहले माहौल बिगड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक एक समुदाय के लोग स्वतंत्रता सेनानी बाल मुकुंद बिस्सा की मूर्ति पर लगे झंडे को लेकर और जालोरी इलाके में ईद को लेकर लगाए गए बैनर को लेकर नारे लगाने लगे। प्रदर्शनकारियों ने झंडा और बैनर को हटा दिया। इसी दौरान वहां दूसरे पक्ष के लोग भी आ गए। इसके बाद देखते-देखते ही यह नारेबाजी, पत्थरबाजी में तब्दील हो गई।
पुलिस ने चटकाई लाठियां
पक्ष के लोग आपस में भिड़ गए और फिर कोहराम मच गया। कोहराम को शांत कराने पहुंची पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियां चटकाईं और आंसूगैस के गोले भी छोड़े। इस पथराव में डीसीपी भुवन भूषण यादव, एसएचओ अमित सियाग सहित दो कॉन्स्टेबल घायल हो गए। रात में भी यहां एहतियात के तौर पर इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया।
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