संवाददाताओं से बातचीत में गहलोत ने कहा, 'जो करौली में हुआ, वो एक प्रकार से प्रयोग था उनका। करौली में जो घटना हुई, आप देखेंगे कि हमने तो रोक दिया, राजस्थान भर में रामनवमी पर सब धर्मों ने मिलकर जुलूस निकाले, परंतु, परंतु करौली में जो उनका प्रयोग हुआ जिस रूप में, वही प्रयोग रामनवमी पर 7 राज्यों में हुआ, वहां दंगे भड़के, फिर बुलडोजर आ गए चलाने के लिए।' उन्होंने कहा कि हिंसा का जवाब हिंसा से नहीं दिया जा सकता।
देश को बांटना भाजपा के एजेंडे का हिस्सा: गहलोत
आरएसएस और भाजपा पर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, 'उन्होंने तय कर रखा है कि हमें इस देश को कैसे बांटना है। हिंदू-मुस्लिम के बीच, धर्मों के बीच, जाति के बीच, यह के एजेंडा का हिस्सा है और अभी तो यह शुरुआत है। आने वाले समय में और बड़े हमले करेंगे, मुख्यमंत्री पर करेंगे, सरकार पर करेंगे।' उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री ने दिल्ली में सांसदों की बैठक बुलाई थी। मैंने सुना है कि उन्होंने (मोदी) ने कहा कि किरोड़ी लाल मीणा के बारे में कहा गया है बाकी सांसद कुछ नहीं कर रहे हैं।' गहलोत ने आरोप लगाया, ''सांसदों से कहा गया है कि जो किरोड़ी मीणा करता है वो तुम सब करो, मतलब धमाल-पट्टी करो, धमाल-पट्टी होगी, हिंसा होगी, अशांति रहेगी, तो काम रुकता है सरकार का, डिस्टर्ब होता है काम, विकास रुकता है।'
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