तय नियमों के मुताबिक कैमरे की नजर वादी-परिवादी के साथ पुलिसकर्मियों के कामकाज पर भी रहेगी। पुलिस के खिलाफ मिलने वाली शिकायतों की जांच में थानों में लगे सीसीटीवी के फुटेज का इस्तेमाल किया जाएगा। थानाधिकारी या पुलिस अधिकारी यह बहाना नहीं बना सकेंगे कि कैमरे बंद हैं या काम नहीं कर रहे हैं। इसके लिए थाना प्रभारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
जनसहयोग से लगाए गए थे सीसीटीवी
पुलिस के मुताबिक उदयपुर जिले में हर थाने में आठ सीसीटीवी लगाने की योजना है। इस बार पुलिस मुख्यालय से ही सीसीटीवी लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसमें यह निर्धारित किया जाएगा कि थाने में सीसीटीवी कहां-कैसे और किस एंगल पर लगाए जाएंगे। प्रदेश में 700 से अिधक पुलिस थानों में सीसीटीवी लगने शुरू होंगे। यहां आपको बता दें कि वर्तमान में जिन थानों में सीसीटीवी लगे हैं वे जन सहयोग से लगवाए गए हैं। अब तक सामने आए मामलों में किसी भी केस में पुलिस ने सीसीटीवी के फुटेज उपलब्ध करवाने की बजाय कहा कि सीसीटीवी खराब हैं या बंद पड़े हैं।
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