आधिकारिक बयान के अनुसार आवश्यक सेवाओं को बिजली कटौती से पूरी तरह मुक्त रखा जाएगा। राजस्थान डिस्कॉम के अध्यक्ष भास्कर ए. सावंत ने कहा कि राज्य सरकार और बिजली निगमों द्वारा उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली आपूर्ति के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रतिदिन बिजली की मांग, उपलब्धता और आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा कर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि न्यूनतम बिजली कटौती की जाए।
एक मई से कम किया गया था कटौती का समय
सावंत ने कहा कि मांग में वृद्धि और बिजली की उपलब्धता में कमी के कारण संभागीय मुख्यालयों, जिला मुख्यालयों, नगरपालिका क्षेत्रों और 5000 से अधिक की आबादी वाले गांवों में 28 अप्रैल से निर्धारित समय के अनुसार बिजली कटौती लागू की गई थी। हालांकि, एक मई से कटौती के समय को कम किया गया। पांच मई को शाम चार बजे तक राज्य में बिजली की औसत मांग 11618 मेगावाट और औसत उपलब्धता 11558 मेगावाट तथा अधिकतम मांग लगभग 14503 मेगावाट रही।
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