उल्लेखनीय है कि प्रतापनगर के एक होटल में दबिश के दौरान वेश्यावृत्ति कराने वाले गिरोह के साथ मिली एक पंद्रह वर्षीय किशोरी को पुलिस ने बालिका सुधार गृह भेजने के बजाय गिरोह को ही सौंप दिया था। दो साल पुराने मामले में जांच रिपोर्ट के आधार पर डीजीपी एमएल लाठर ने रामनगरिया एसएचओ पुरुषोत्तम महरिया और प्रतापनगर थाने के काॅन्स्टेबल भंवर सिंह को निलंबत कर दिया था। दोनों के खिलाफ 16 सीसीए के तहत कार्यवाही भी होगी। वर्ष 2020 में पुरुषोत्तम महरिया प्रतापनगर थानाधिकारी थे। एक होटल में दबिश के दौरान पंद्रह वर्षीय किशोरी पकड़ी गई। डीजीपी एमएल लाठर के अनुसार किशोरी बाल विवाह को विरोध कर घर से निकल गई थी। तब गलत काम करने वाले लोगों ने उसे पकड़ लिया। जयपुर में किशोरी मिली थी, तब एसएचओ और कांस्टेबल ने उसे सीडब्ल्यूसी को सौंपने के बजाय छोड़ दिया। इस मामले में दोनों को निलंबित कर दिया गया है।
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