लेकिन ऐसे भी कुछ लोग हादसे के वक्त मौजूद थे जो न सिर्फ अपनी बल्कि अपने आस पास मौजूद लोगों की जान बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहे थे. दो बच्चों की मां रिचा रावत डेढ़ साल से इस फैक्ट्री में काम कर रही थीं. हादसे के वक्त तीसरी मंज़िल पर थीं. जैसे ही आग लगने की खबर उन्हें मिली, उन्होंने खिड़की के साथ बने पोल से नीचे जाने की कोशिश की, उन्होंने रस्सी की मदद भी ली. लेकिन आग के कारण रस्सी बीच में टूट गई.
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