गृह मंत्रालय के प्रवक्ता फदींद्र मणि पोखरेल ने बताया कि मिनिस्ट्री ने लापता विमान की तलाश के लिए मस्टैंग और पोखरा से दो निजी हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। नेपाल सेना के हेलिकॉप्टर को भी तलाशी के लिए तैनात करने की तैयारी की जा रही है।
आखिरी बार जोमसोम के आसमान के ऊपर देखा गया
मुख्य जिला अधिकारी नेत्र प्रसाद शर्मा ने बताया, "विमान को मस्टैंग जिले में जोमसोम के आसमान के ऊपर देखा गया था और फिर उसे माउंट धौलागिरी की ओर मोड़ दिया गया, जिसके बाद वह संपर्क में नहीं आया।" वहीं, तारा एयर के प्रवक्ता सुदर्शन बरतौला ने बताया कि इस फ्लाइट पर कैप्टन प्रभाकर प्रसाद घिमिरे, सह-पायलट उत्सव पोखरेल और एयर होस्टेस किसमी थापा सवार थे।
इलाके में पिछले कुछ दिन से हो रही बारिश
विमान ने जोमसोम पर्वतीय शहर के लिए 15 मिनट की निर्धारित उड़ान भरी थी। उसका उड़ान भरने के थोड़ी देर बाद हवाई अड्डा टॉवर से संपर्क टूट गया। इलाके में पिछले कुछ दिन से बारिश हो रही है, लेकिन विमान संचालन सामान्य है। इस मार्ग पर विमान पर्वतों के बीच उड़ते हैं और फिर एक घाटी में उतरते हैं। यह उन विदेशी पर्वतारोहियों के बीच लोकप्रिय मार्ग है जो पर्वतीय मार्ग पर चढ़ाई करते हैं। यह मुक्तिनाथ मंदिर जाने वाले भारतीय और नेपाली तीर्थयात्रियों के लिए भी लोकप्रिय मार्ग है।
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